हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' के तीसरे अंक में पढ़िए 'अग्नि परीक्षा' का अगला भाग 'जात', जहाँ पत्रकार शालिनी लड़ रही है सत्ता से। साथ ही अन्य कवितायेँ, कहानियाँ, शायरी और बहुत कुछ।
अस्सी सावन – हिंदी ईबुक | कहानी और कविता संग्रह
हमने दिया था प्रॉम्प्ट - एक बुज़ुर्ग महिला का घूरता चेहरा। इस एक चेहरे पर पढ़िए ६ रचनायें - ३ कहानियाँ और ३ कवितायेँ। अभी डाउनलोड करें हिंदी ईबुक ‘अस्सी सावन’।
हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का दूसरा अंक जारी
हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' का दूसरा अंक अब अमेज़न पर उपलब्ध! इस अंक में ७ कहानियाँ (गोश्त, अग्निपरीक्षा, किराए का कमरा सहित), ७ कविताएँ, उपन्यास समीक्षा और 'वेद सार शिवस्तव स्तोत्र' का हिंदी अनुवाद पढ़ें। अभी खरीदें और पढ़ें।
हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का अनावरण
हमारी हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ एक प्रयास है हिंदी साहित्य की नयी आवाज़ों को पाठकों तक ले जाने का। हिंदी साहित्य की नयी प्रतिभाओं को सम्मान और पहचान दिलाने की ये हमारी मुहीम है।
अटल जी की कवितायें – हार नहीं मानूँगा
अटल जी की कवितायें मैं आज भी जब भी पढ़ता हूँ, सुनता हूँ या सुनाता हूँ, एक आत्मविश्वास जागृत हो जाता है। खुद पर भरोसा कायम हो जाता है। अटल जी की कविता ढाढस बंधा देती है, मार्गदर्शन करती है।
हरिवंश राय बच्चन की मधुबाला क्या कहती है | एक समीक्षा
क्या कहती है मधुबाला? हरिवंश राय बच्चन जी के गीत काव्य मधुबाला की समीक्षा प्रस्तुत कर रहा हूँ। अकी पने आप को धन्य समझता हूँ कि मैं इतनी महत्वपूर्ण काव्य रचना की समीक्षा अपने पाठकों के सामने प्रस्तुत कर पा रहा हूँ।
गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती | कालजयी प्रेम कहानी
"गुनाहों का देवता" उपन्यास की गहन समीक्षा। धर्मवीर भारती की इस कालजयी प्रेम कहानी में प्रेम, वासना और सामाजिक संबंधों की जटिलताओं को समझें। चंदर और सुधा के पात्रों के माध्यम से एक अनोखी प्रेम गाथा का अनुभव करें।
बॉम्बे हैंगओवर्स: सपनों और महत्वाकांक्षाओं का नशा
रोशेल पोतकर की कहानियों का संग्रह "बॉम्बे हैंगओवर्स" मुंबई शहर के हर कोने से उपजी विविध भावनाओं और अनुभवों को दर्शाता है। डॉ. दिव्या जोशी द्वारा खूबसूरती से हिंदी में अनुवादित, यह किताब पाठकों को मुंबई की जटिल आत्मा में डुबो देती है।
दीवार में एक खिड़की रहती थी – पुस्तक समीक्षा
विनोद कुमार शुक्ल जी का मशहूर उपन्यास, "दीवार में एक खिड़की रहती थी", एक साधारण दंपति की अनूठी कहानी है। १९९७ में प्रकाशित और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित यह किताब, कल्पना और हकीकत को खूबसूरती से जोड़ती है।
ख्वाहिश दिल की (पुस्तक समीक्षा)
कवि ने बेहद खूबसूरती और सादगी से अपने दिल की ख्वाहिशों को कागज़ पर स्याही से उड़ेल दिया है। एकदम सरल भाषा में लिखने का ये बहुत निराला अंदाज़ है। ज़रूर पढ़ें।