प्रत्तिज्ञान की "नयी कलम" श्रृंखला में पढ़िए डॉ. देवेंद्र कुमार की तीन मार्मिक कवितायें। उनकी सरल मगर गहरी रचनाएं: 'तुम राजदार थे उसके तुम्हें पता होगा', 'याद रखना यह वचन', और 'समंदर किनारे' - के साथ कवि का विशेष परिचय।
एक चेहरा, अनंत कहानियाँ: ‘प्रतिज्ञान’ का नया हिंदी लेखन आह्वान!
हिंदी लेखन प्रतियोगिता! 'प्रतिज्ञान' का नया आह्वान: एक बूढ़े चेहरे से प्रेरित होकर ४००+ शब्दों की कहानी या १०-२० पंक्तियों की कविता लिखें। अपनी रचना ११ नवंबर २०२५ तक भेजें और ई-बुक में प्रकाशित हों!
झुर्रियों में सिमटा जीवन – एक बुज़ुर्ग चेहरे पर ५ कविताएँ और १ कहानी
एक तस्वीर, ६ रचनाएँ। उस गरीब बूढ़े की आँखों में झाँकिए जिसके संघर्ष और अकेलेपन को ५ कवियों और १ कहानीकार ने अपनी मार्मिक कलम से आवाज़ दी है। हृदयस्पर्शी रचनाओं का संग्रह।
श्वेता सुखेजा: जीवन के अनुभवों को शब्दों में पिरोती एक कवयित्री
श्वेता सुखेजा की चार कविताएँ – किरदार, जीवन, ज़िन्दगी का रहस्य, और बचपन। जानिए उनकी लेखनी से उनके जीवन के गहरे अनुभव और विचार।
नई कलम – रेखा कुंडू | हिंदी कवयित्री
उभरती प्रतिभाओं की हमारी पहली श्रृंखला में मिलिए कवयित्री रेखा कुंडू से। इस पोस्ट में पढ़िए उनकी दो भावपूर्ण कविताएं - "जब बात बने" और "अधूरी कोशिश" - और उनकी गहरी साहित्यिक समझ को जानिए। हम हिंदी साहित्य की नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।