मुखौटा पर अकबर हैदराबादी का शेर

मुखौटा – मजबूरी, फितरत या साजिश | हिंदी कविता प्रॉम्प्ट

कभी मजबूरी, कभी फितरत और कभी साजिश। इंसान कई चेहरे लगाता है। हमने ‘प्रतिज्ञान’ परिवार के सदस्यों से आग्रह किया की ‘मुखौटा’ शब्द पर अपने ख़याल लिख कर भेजें। अभी पढ़ें।

हिंदी कविता 'दादी की विरासत

भावुक कविता: ‘दादी की विरासत’ – विभाजन की त्रासदी और नई ज़िंदगी का सफ़र

कवयित्री श्वेता सुखेजा की नई हिंदी कविता 'दादी की विरासत' में पढ़ें देश विभाजन के दौरान उनकी दादी के संघर्ष और साहस की कहानी। अपनी साहित्यिक रचनाएँ हमें भेजें।

शहर की ज़िन्दगी पे शायरी और कविता

दो शब्द – शहर और ज़िन्दगी | हिंदी पोएट्री प्रॉम्ट

पढ़िए शहर की ज़िन्दगी पर कुछ दिग्गज शायरों के साथ नए रचनाकारों की कवितायेँ और ख़याल। हमारी हिंदी पोएट्री प्रॉम्प्ट की श्रृंखला की ये दूसरी पेशकश है।

हिंदी पोएट्री प्रॉम्प्ट खामोश चीख

खामोश चीख – हमारा पहला हिंदी पोएट्री प्रॉम्ट | काव्य प्रेरणा

इस सितम्बर महीने की पहली तारीख को हमने एक नयी पहल की - हमारे इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर हमने हमारा पहला हिंदी पोएट्री प्रॉम्प्ट साझा किया। पढ़िए इस प्रॉम्प्ट पर लिखी चुनिंदा कवितायेँ।

हिंदी कविता - बाज़ार

बाज़ार – हिंदी कविता

त्योहारों का मौसम है। दशहरा बीता, अब दिवाली की धूम है बाज़ार में। फिर क्रिसमस, फिर नया साल, फिर कुछ और। बाज़ार का ये जश्न, ये रौनक, तुम्हारे बिक जाने का त्यौहार है।

Graphic image of a man and woman standing under an umbrella with title text - Prem Karta Hoon.

प्रेम करता हूँ – हिंदी कवितायें

सुना है इश्क करना मँहगा हुआ जा रहा है। हमने तो चाय और गोलगप्पों के सहारे इश्क़ किया। अपनी प्रेम कहानी की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ। पढ़ें और अपने विचार साझा करें।

सुकून के कुछ पल शायरी और कविताएं

सुकून के कुछ पल – चुनिंदा शायरी और कविताएं

सुकून के कुछ पल तलाश करने आपका पहाड़ों पे जाकर ध्यान-मग्न होना ज़रूरी नहीं है। शहर की आपा-धापी के बीच में भी आप सुकून के कुछ पल तलाश सकते हैं।

Hindi Kavita Prem Saral Hai

प्रेम सरल है

अगर सोचो तो प्रेम बहुत सरल है। ये सच में कोई कारोबार नहीं है जैसा कई लोग बताते हैं। सरल है, दिल से दिल का ताल्लुक। और इसे ऐसा ही रहने दे। इसी भाव को दर्शाती है मेरी ये कविता। अगर सोचो तो प्रेम बहुत सरल हैउसके तुम दबे हुए ख्वाब पहचानोउसके शब्द सभी सुनते … पढ़ना जारी रखें प्रेम सरल है

चैट जीपीटी और गोलमाल

चैट जीपीटी और गोलमाल | हिंदी हास्य कविता

चैट जीपीटी ने कमाल और धमाल दोनों मचा रखा है। कुछ लोग उत्साहित हैं, कुछ अचंभित हैं तो कुछ लोग भयभीत हैं। पढ़िए मेरी हिंदी हास्य कविता - चैट जीपीटी और गोलमाल।

हिंदी दिवस पर कविता

हिंदी दिवस पर कविता

भारत अनेक भाषाओँ, धर्मों और प्रांतों से मिल कर बना एक ख़ूबसूरत गुलदस्ता है। इनमें से किसी भी एक फूल को दूसरों से ऊँचा या नीचा स्थान नहीं दिया जा सकता। सभी का महत्व एक समान है।