नमस्ते, साहित्य प्रेमियों और रचनाकारों!
‘प्रतिज्ञान’ प्रकाशन एक बार फिर लेकर आया है हिंदी साहित्य की दुनिया में अपनी रचनात्मकता को साझा करने का शानदार अवसर!
हमारे सामने है यह चेहरा—झुर्रियों में लिपटा, एक गहरी मुस्कान लिए, चश्मे के पीछे झाँकती आँखें। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि समय, अनुभव और अनकही यादों का एक जीता-जागता संग्रहालय है। इस चेहरे में एक युग है, एक संघर्ष है, और एक अदम्य जीवन शक्ति है।
हम आपको आमंत्रित करते हैं कि आप इस प्रेरणादायक तस्वीर को अपनी कल्पना की उड़ान दें। इस चेहरे के पीछे छिपी कहानी या भावनाओं को अपनी कलम से कागज़ पर उतारें।

लेखन की श्रेणियाँ और नियम
- कहानी : कम से कम ४०० या अधिक शब्दों में हिंदी कहानी।
- कविता : १० से २० पंक्तियों की हिंदी कविता।
विषय: तस्वीर में दिख रहे चेहरे से प्रेरित कोई भी कहानी या कविता।
आपके लिए अवसर:
आपकी सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ केवल हमारे लिए नहीं हैं, बल्कि पूरे हिंदी भाषी पाठक वर्ग के लिए हैं!
- वेबसाइट पर प्रकाशन: चुनी गई सभी रचनाओं को ‘प्रतिज्ञान’ की आधिकारिक वेबसाइट पर आपके नाम और परिचय के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
- ई-बुक (E-Book) संकलन: इन सभी रचनाओं को मिलाकर एक विशेष PDF ई-बुक तैयार की जाएगी, जिसे निःशुल्क वितरित किया जाएगा।
- पहचान और मंच: यह आपके लिए हिंदी साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाने और अपनी आवाज़ पहुँचाने का एक सुनहरा अवसर है।
अपनी रचना कैसे भेजें:
अपनी रचना को निम्नलिखित अनिवार्य जानकारियों के साथ हमें ईमेल करें:
- आपकी रचना (कहानी या कविता): (कृति को स्पष्ट रूप से हिंदी फॉन्ट में लिखें)
- आपका संपर्क विवरण: (ईमेल और फोन नंबर)
- आपका संक्षिप्त परिचय (Author Bio): (अधिकतम १०० शब्द, जिसमें आपके बारे में और आपकी साहित्यिक यात्रा के बारे में हो)
- आपकी प्रोफ़ाइल तस्वीर (Profile Picture): (स्पष्ट और अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीर)
ईमेल करें: hello@pratigyan.com पर।
अंतिम तिथि: मंगलवार, ११ नवंबर २०२५।
हमें आपके विचारों की गहराई और शब्दों के जादू का बेसब्री से इंतज़ार है! आइए, इस चेहरे को हिंदी साहित्य के पन्नों पर एक अमर स्थान दें।
शुभकामनाएँ!
तो लीजिये, हमारा कहानी और कविता संग्रह तैयार है। ‘अस्सी सावन’ – इस संग्रह में आप पढ़ सकते हैं इस प्यारे से चेहरे पर लिखी गयीं तीन कहानियां और तीन कवितायेँ।
अब उपलब्ध! ‘प्रतिज्ञान’ पत्रिका का दूसरा संस्करण (ई-बुक)

साहित्य प्रेमियों, पाठकगण!
आपकी पसंदीदा पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का दूसरा अंक अब Amazon Kindle पर ई-बुक के रूप में उपलब्ध है!
इस संस्करण में आपको मिलेंगी हिंदी साहित्य की नई और सशक्त आवाज़ें, प्रेरणादायक कहानियाँ, मार्मिक कविताएँ, और विचारोत्तेजक लेख। यह अंक कला, संस्कृति और जीवन के विविध रंगों को समेटे हुए है।
आज ही अपनी डिजिटल प्रति सुरक्षित करें और ज्ञान, प्रेरणा और साहित्य की दुनिया में गोता लगाएँ!