प्रतिज्ञान का तीसरा अंक

‘प्रतिज्ञान’ का तीसरा अंक प्रकाशित: जब ‘जात’ बन जाती है सबसे बड़ी चुनौती!

हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' के तीसरे अंक में पढ़िए 'अग्नि परीक्षा' का अगला भाग 'जात', जहाँ पत्रकार शालिनी लड़ रही है सत्ता से। साथ ही अन्य कवितायेँ, कहानियाँ, शायरी और बहुत कुछ।

Hindi Ebook Blog Post Header

अस्सी सावन – हिंदी ईबुक | कहानी और कविता संग्रह

हमने दिया था प्रॉम्प्ट - एक बुज़ुर्ग महिला का घूरता चेहरा। इस एक चेहरे पर पढ़िए ६ रचनायें - ३ कहानियाँ और ३ कवितायेँ। अभी डाउनलोड करें हिंदी ईबुक ‘अस्सी सावन’।

Portrait of an old Woman for Hindi Writing Prompt.

एक चेहरा, अनंत कहानियाँ: ‘प्रतिज्ञान’ का नया हिंदी लेखन आह्वान!

हिंदी लेखन प्रतियोगिता! 'प्रतिज्ञान' का नया आह्वान: एक बूढ़े चेहरे से प्रेरित होकर ४००+ शब्दों की कहानी या १०-२० पंक्तियों की कविता लिखें। अपनी रचना ११ नवंबर २०२५ तक भेजें और ई-बुक में प्रकाशित हों!

प्रतिज्ञान - हिंदी पत्रिका का दूसरा अंक

हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का दूसरा अंक जारी

हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' का दूसरा अंक अब अमेज़न पर उपलब्ध! इस अंक में ७ कहानियाँ (गोश्त, अग्निपरीक्षा, किराए का कमरा सहित), ७ कविताएँ, उपन्यास समीक्षा और 'वेद सार शिवस्तव स्तोत्र' का हिंदी अनुवाद पढ़ें। अभी खरीदें और पढ़ें।

Graphic image of a sad man sitting alone on a bench for cover image of Hindi Story Prompt.

टूटने की कगार पे था – हिंदी कहानी प्रॉम्प्ट

वह टूटा नहीं था। टूटने की कगार पर था। बस इंतज़ार था की कोई काँधे पर अपना हाथ रख दे। फिर वो खुद को रोक न पाता। पढ़ें इस हिंदी कहानी प्रॉम्प्ट पर लिखी कहानियाँ।

हिंदी पत्रिका प्रतिज्ञान का पहला अंक

हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का अनावरण

हमारी हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ एक प्रयास है हिंदी साहित्य की नयी आवाज़ों को पाठकों तक ले जाने का। हिंदी साहित्य की नयी प्रतिभाओं को सम्मान और पहचान दिलाने की ये हमारी मुहीम है।