मरीचि की डोरियों में कवियित्री ने अनमोल मोतियोँ को पिरोया है। रश्मि जी का पहला काव्य संकलन एक सराहनीय प्रयास है। इन्होंने कविताओं, ग़ज़लों और गीतों के माध्यम से हमारे रोज़मर्रा के जीवन के कई पहलूओं को छूआ है और कुछ को झंझोरा है।
पुस्तक समीक्षा – संग लेकर चलो
"संग लेकर चलो" १०६ कविताओं का संग्रह है। कवि ने अनेक विषयों पर काफी सरल हिंदी में अपनी कवितायें प्रस्तुत की हैं। माता-पिता, जीवन संघर्ष, प्रेम, गरीबी, शहर और कई सारे विषयों पर इनके ख़याल बहुत सराहनीय हैं।