पढ़िए शहर की ज़िन्दगी पर कुछ दिग्गज शायरों के साथ नए रचनाकारों की कवितायेँ और ख़याल। हमारी हिंदी पोएट्री प्रॉम्प्ट की श्रृंखला की ये दूसरी पेशकश है।
नई कलम – रेखा कुंडू | हिंदी कवयित्री
उभरती प्रतिभाओं की हमारी पहली श्रृंखला में मिलिए कवयित्री रेखा कुंडू से। इस पोस्ट में पढ़िए उनकी दो भावपूर्ण कविताएं - "जब बात बने" और "अधूरी कोशिश" - और उनकी गहरी साहित्यिक समझ को जानिए। हम हिंदी साहित्य की नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
खामोश चीख – हमारा पहला हिंदी पोएट्री प्रॉम्ट | काव्य प्रेरणा
इस सितम्बर महीने की पहली तारीख को हमने एक नयी पहल की - हमारे इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर हमने हमारा पहला हिंदी पोएट्री प्रॉम्प्ट साझा किया। पढ़िए इस प्रॉम्प्ट पर लिखी चुनिंदा कवितायेँ।
अटल जी की कवितायें – हार नहीं मानूँगा
अटल जी की कवितायें मैं आज भी जब भी पढ़ता हूँ, सुनता हूँ या सुनाता हूँ, एक आत्मविश्वास जागृत हो जाता है। खुद पर भरोसा कायम हो जाता है। अटल जी की कविता ढाढस बंधा देती है, मार्गदर्शन करती है।
बाज़ार – हिंदी कविता
त्योहारों का मौसम है। दशहरा बीता, अब दिवाली की धूम है बाज़ार में। फिर क्रिसमस, फिर नया साल, फिर कुछ और। बाज़ार का ये जश्न, ये रौनक, तुम्हारे बिक जाने का त्यौहार है।
प्रेम करता हूँ – हिंदी कवितायें
सुना है इश्क करना मँहगा हुआ जा रहा है। हमने तो चाय और गोलगप्पों के सहारे इश्क़ किया। अपनी प्रेम कहानी की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ। पढ़ें और अपने विचार साझा करें।
सुकून के कुछ पल – चुनिंदा शायरी और कविताएं
सुकून के कुछ पल तलाश करने आपका पहाड़ों पे जाकर ध्यान-मग्न होना ज़रूरी नहीं है। शहर की आपा-धापी के बीच में भी आप सुकून के कुछ पल तलाश सकते हैं।
प्रेम सरल है
अगर सोचो तो प्रेम बहुत सरल है। ये सच में कोई कारोबार नहीं है जैसा कई लोग बताते हैं। सरल है, दिल से दिल का ताल्लुक। और इसे ऐसा ही रहने दे। इसी भाव को दर्शाती है मेरी ये कविता। अगर सोचो तो प्रेम बहुत सरल हैउसके तुम दबे हुए ख्वाब पहचानोउसके शब्द सभी सुनते … पढ़ना जारी रखें प्रेम सरल है
चैट जीपीटी और गोलमाल | हिंदी हास्य कविता
चैट जीपीटी ने कमाल और धमाल दोनों मचा रखा है। कुछ लोग उत्साहित हैं, कुछ अचंभित हैं तो कुछ लोग भयभीत हैं। पढ़िए मेरी हिंदी हास्य कविता - चैट जीपीटी और गोलमाल।
हिंदी दिवस पर कविता
भारत अनेक भाषाओँ, धर्मों और प्रांतों से मिल कर बना एक ख़ूबसूरत गुलदस्ता है। इनमें से किसी भी एक फूल को दूसरों से ऊँचा या नीचा स्थान नहीं दिया जा सकता। सभी का महत्व एक समान है।