क्या कहती है मधुबाला? हरिवंश राय बच्चन जी के गीत काव्य मधुबाला की समीक्षा प्रस्तुत कर रहा हूँ। अकी पने आप को धन्य समझता हूँ कि मैं इतनी महत्वपूर्ण काव्य रचना की समीक्षा अपने पाठकों के सामने प्रस्तुत कर पा रहा हूँ।
गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती | कालजयी प्रेम कहानी
"गुनाहों का देवता" उपन्यास की गहन समीक्षा। धर्मवीर भारती की इस कालजयी प्रेम कहानी में प्रेम, वासना और सामाजिक संबंधों की जटिलताओं को समझें। चंदर और सुधा के पात्रों के माध्यम से एक अनोखी प्रेम गाथा का अनुभव करें।
बॉम्बे हैंगओवर्स: सपनों और महत्वाकांक्षाओं का नशा
रोशेल पोतकर की कहानियों का संग्रह "बॉम्बे हैंगओवर्स" मुंबई शहर के हर कोने से उपजी विविध भावनाओं और अनुभवों को दर्शाता है। डॉ. दिव्या जोशी द्वारा खूबसूरती से हिंदी में अनुवादित, यह किताब पाठकों को मुंबई की जटिल आत्मा में डुबो देती है।
दीवार में एक खिड़की रहती थी – पुस्तक समीक्षा
विनोद कुमार शुक्ल जी का मशहूर उपन्यास, "दीवार में एक खिड़की रहती थी", एक साधारण दंपति की अनूठी कहानी है। १९९७ में प्रकाशित और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित यह किताब, कल्पना और हकीकत को खूबसूरती से जोड़ती है।
ख्वाहिश दिल की (पुस्तक समीक्षा)
कवि ने बेहद खूबसूरती और सादगी से अपने दिल की ख्वाहिशों को कागज़ पर स्याही से उड़ेल दिया है। एकदम सरल भाषा में लिखने का ये बहुत निराला अंदाज़ है। ज़रूर पढ़ें।
मरीचि की डोरियाँ – दिल छू लेती रश्मि शुक्ला की कवितायें
मरीचि की डोरियों में कवियित्री ने अनमोल मोतियोँ को पिरोया है। रश्मि जी का पहला काव्य संकलन एक सराहनीय प्रयास है। इन्होंने कविताओं, ग़ज़लों और गीतों के माध्यम से हमारे रोज़मर्रा के जीवन के कई पहलूओं को छूआ है और कुछ को झंझोरा है।
पुस्तक समीक्षा – संग लेकर चलो
"संग लेकर चलो" १०६ कविताओं का संग्रह है। कवि ने अनेक विषयों पर काफी सरल हिंदी में अपनी कवितायें प्रस्तुत की हैं। माता-पिता, जीवन संघर्ष, प्रेम, गरीबी, शहर और कई सारे विषयों पर इनके ख़याल बहुत सराहनीय हैं।