इश्क़ में बेवफ़ाई ऐसे तो बहुत आम है। सवाल ये की बेवफाई की वजह क्या है? शायरों से पूछिए जनाब। पेश है हमारा बेवफा शायरी का संकलन।

बेवफाई… इश्क़ का वो पहलू जो अक्सर दिल तोड़ जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि बेवफाई होती क्यों है? शायरों ने इस दर्द को, इन उलझनों को अपनी शायरी में बखूबी बयां किया है।
बेवफा शायरी – मशहूर शायरों की ज़ुबानी

इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ
- अहमद फ़राज़
कुछ तो मजबूरियाँ रहीं होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता
- बशीर बद्र
उस के यूँ तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई
जी नहीं ये मानता वो बेवफ़ा पहले से था
- परवीन शाकिर
इस ख़ास पेशकश में, हम लेकर आए हैं बेवफा शायरी का एक शानदार संकलन। यहाँ आपको वो शेर मिलेंगे जो बेवफाई के अलग-अलग रंगों को दिखाते हैं – दर्द को, मायूसी को, और कभी-कभी तो बेवफाई के पीछे छिपी वजहों को भी। हमने कोशिश की है कि आप हर शेर में एक कहानी, एक एहसास पा सकें।
ये सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं, दिल की आवाज़ हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए और शायद आपको अपने सवालों के जवाब भी मिल जाएँ।
मेरी कलम से – बेवफा शायरी हिंदी में
"तेरी बेवफाई की माना कोई तो वजह होगी
तेरे मुस्कुराने से अब महफिलें रोशन नहीं होती"
"लौटता हूँ तेरी गली से रोज़ मैं तेरी खैरियत पूछ कर
तूने चले जाना बेहतर समझा मेरी वसीयत पूछ कर"
"बात फिर अधूरी रह गयी
कुछ लफ़्ज़ों की दूरी रह गयी
तेरी चाह आलिशान, मेरा छोटा मकान
इश्क़ में औकात की मजबूरी रह गयी"
"तुम बेमन मेरा हाल पूछना, हंस कर जवाब दूंगा
दर्द मेरा जान सको, ये हक़ तुम्हें अब रहा नहीं"
"किसी बात पे रूठ जाती तो ताउम्र तुम्हें मना लेते
जाने वालों को रोकना हमारी फितरत नहीं जनाब"
बेवफाई: एक नारी के दिल से

आरज़ू एक युवा और उभरती हुई शायरा हैं, जिनकी शायरी में आधुनिक नारी के सशक्त विचारों और भावनाओं की झलक मिलती है। उनकी रचनाएँ बेवफाई के दर्द को बयां करती हैं, लेकिन साथ ही आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने का संदेश भी देती हैं।
पेश हैं आरज़ू फातिमा की बेवफा शायरी।
"दिल टूटा है तो क्या, हौसले तो बुलंद हैं
मैं अपनी कहानी की, अब खुद ही किरदार हूँ।"
"तू गया तो क्या हुआ, राहें मेरी भी तो हैं
अपनी मंज़िल खुद बनूँगी, ये आज़ादी मेरी है।"
"पहले हर धड़कन में तू था, अब मेरा वजूद है
तेरे फरेब से निकली, अब एक नई शुरुआत है।"
"तेरे जाने से कहाँ, मेरी दुनिया रुक गई
मैंने तो अब खुद के लिए, नई राहें चुन लीं।"
"अश्कों से अब इश्क़ नहीं, मुस्कुराहट है मेरी
तेरी बेवफाई ने ही तो, मुझे जीना सिखाया है।"
"तेरी यादों के पिंजरे से, अब मैं आज़ाद हूँ
खुले आसमान में उड़ना है, ये ख्वाहिश मेरी है।"
इन सभी शायरी में आपकी सबसे पसंदीदा शायरी कौन सी है? हमें कमेंट्स में ज़रूर बताइए।
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