हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' के तीसरे अंक में पढ़िए 'अग्नि परीक्षा' का अगला भाग 'जात', जहाँ पत्रकार शालिनी लड़ रही है सत्ता से। साथ ही अन्य कवितायेँ, कहानियाँ, शायरी और बहुत कुछ।
हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का दूसरा अंक जारी
हिंदी पत्रिका 'प्रतिज्ञान' का दूसरा अंक अब अमेज़न पर उपलब्ध! इस अंक में ७ कहानियाँ (गोश्त, अग्निपरीक्षा, किराए का कमरा सहित), ७ कविताएँ, उपन्यास समीक्षा और 'वेद सार शिवस्तव स्तोत्र' का हिंदी अनुवाद पढ़ें। अभी खरीदें और पढ़ें।
हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ का अनावरण
हमारी हिंदी पत्रिका ‘प्रतिज्ञान’ एक प्रयास है हिंदी साहित्य की नयी आवाज़ों को पाठकों तक ले जाने का। हिंदी साहित्य की नयी प्रतिभाओं को सम्मान और पहचान दिलाने की ये हमारी मुहीम है।