अटल जी की कवितायें मैं आज भी जब भी पढ़ता हूँ, सुनता हूँ या सुनाता हूँ, एक आत्मविश्वास जागृत हो जाता है। खुद पर भरोसा कायम हो जाता है। अटल जी की कविता ढाढस बंधा देती है, मार्गदर्शन करती है।
अटल जी की कवितायें मैं आज भी जब भी पढ़ता हूँ, सुनता हूँ या सुनाता हूँ, एक आत्मविश्वास जागृत हो जाता है। खुद पर भरोसा कायम हो जाता है। अटल जी की कविता ढाढस बंधा देती है, मार्गदर्शन करती है।