एक गरीब मगर खुद्दार बुज़ुर्ग की तस्वीर।

तन्हाई

ये हिंदी कविता तन्हाई, कवि का अपनी प्रेमिका से बिछड़ जाने के एहसास का वर्णन है। "याद है वो तुमसे टकरा जाना, फिर गिरना तुम्हारे हाँथो से उन किताबों का। वो पह्ली बार मिले थे हम तुम, फिर चला था सिलसिला कई मुलाकातों का।